संतकबीरनगर/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के जिला संतकबीरनगर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। कोर्ट ने ब्रिटिश नागरिक मौलाना शमशुल हुदा द्वारा बनवाए गए तीन मंजिला मदरसे के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। क्या है पूरा मामला?संतकबीरनगर जिला प्रशासन ने दावा किया था कि यह विशाल मदरसा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया है। प्रशासन के मुताबिक:इस 3 मंजिला इमारत की लागत लगभग 5 करोड़ रुपए है।इसमें कुल 25 कमरे बने हुए हैं।जांच में यह भी दावा किया गया कि इस मदरसे के निर्माण में विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल हुआ है। कमेटी की दलील और कोर्ट का हस्तक्षेपप्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ मदरसा कमेटी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ध्वस्तीकरण पर स्टे लगा दिया है, जिससे मदरसा प्रबंधन को बड़ी राहत मिली है। ब्रिटिश नागरिकता का पेचमदरसा संचालक शमशुल हुदा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि हुदा साल 2017 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे और अब उनके पास वहीं की नागरिकता है। विदेशी नागरिक होने और विदेशी फंडिंग के आरोपों ने इस मामले को शासन स्तर पर काफी संवेदनशील बना दिया है। प्रशासन की अगली रणनीतिहाईकोर्ट के स्टे के बाद अब प्रशासन को अदालत में अपनी दलीलें और सबूत पेश करने होंगे। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकारी जमीन और फंडिंग से जुड़े दावों पर कोर्ट का अगला रुख क्या रहता है। बने रहें हमारे पोर्टल के साथ, हर बड़ी खबर की सटीक जानकारी के लिए।