ऋषिकेश न्यायालय के जाने-माने क्रिमिनल लॉयर एडवोकेट हरीश कुमार आजाद ने अपनी पैनी और धारदार दलीलों से एक बार फिर साबित कर दिया है कि सच्ची मेहनत और मजबूत पैरवी से न्याय कैसे दिलाया जाता है।आपराधिक मामले में लंबी कानूनी जंग के बाद, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 24 जुलाई 2026 को आए फैसले में एडवोकेट हरीश कुमार आजाद की प्रभावी दलीलों से सहमति जताते हुए उनके मुवक्किल गजेंद्र सागर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त (बरी) कर दिया। Post navigation ऋषिकुल शिक्षा की नई पारी: 7 साल के अनुभव के बाद अब करियर एकेडमी का आगाज, जन्मदिन पर हुआ भव्य उद्घाटन विश्वास की आड़ “इंसानियत” का सौदा: दून में आर्थिक तंगी का हवाला देकर मां ने बेटी को 1.5 लाख में बेचा, फिर रची अपहरण की झूठी कहानी