देहरादून:

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता सामने आई है। राजधानी देहरादून के वसंत विहार, पंडितवाड़ी मुख्य मार्ग पर मेजर विवेक गुप्ता चौक के निकट जापानी मियावाकी तकनीक पर आधारित अर्बन फॉरेस्ट्री के पायलट एक्सपेरिमेंट को तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस पहल के तहत लगाए गए 300 से अधिक पौधों में से 90% से अधिक पौधे आज भी जीवित हैं, जो शहर के भीतर सामुदायिक सहयोग से सफल हरित क्षेत्र विकसित करने की एक शानदार मिसाल पेश कर रहे हैं।

संयुक्त प्रयासों से मिली सफलता
इस अनूठी पहल की शुरुआत 20 अगस्त 2023 को की गई थी। यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड वन विभाग के रिसर्च विंग (वसंत विहार), दून वैली ऑफिसर्स कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी, एसडीसी फाउंडेशन और एसजीआई फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से चलाया गया था। इस स्थल पर अमलतास, नीम, भीमल, तेजपत्ता, सहजन, पारिजात और कचनार जैसी स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपे गए थे।
एसडीसी और एसजीआई फाउंडेशन द्वारा लगातार तीन वर्षों तक इन पौधों के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी निभाई गई, जिसके परिणामस्वरूप आज यह स्थल एक घने शहरी हरित क्षेत्र के रूप में विकसित हो चुका है।


विशेषज्ञों के विचार
इस मियावाकी मॉडल की प्रेरणा उत्तराखंड में हुए सफल कार्यों, विशेष रूप से कालसी में वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी और उनकी टीम द्वारा विकसित मॉडल से मिली थी।
संजीव चतुर्वेदी ने तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर कहा कि मियावाकी तकनीक को केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन और सीमित शहरी क्षेत्रों में जैव विविधता बढ़ाने के प्रभावी माध्यम के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के लिए ऐसे प्रयासों को व्यापक स्तर पर बढ़ाने पर जोर दिया।


एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब संस्थाएं, समुदाय और नागरिक समाज मिलकर काम करते हैं, तो शहरी सीमाओं के भीतर भी बेहतरीन हरित क्षेत्र तैयार किए जा सकते हैं।


एसजीआई फाउंडेशन की प्रेरणा रतूड़ी ने निरंतर सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया, वहीं एसडीसी के मियावाकी प्रोजेक्ट लीड प्यारे लाल ने नियमित रखरखाव और निगरानी को इस सफलता का मुख्य श्रेय दिया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन दिनेश सेमवाल ने किया, जिसमें वन विभाग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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By Mansa Ram Uniyal

"Mansa Ram Uniyal is an experienced digital journalist and the founder of Mansa 24 News. His mission is to deliver unbiased reporting from every corner of the nation through the power of modern technology and high-impact storytelling."

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