मुंबई। भारतीय संगीत जगत की स्वर साम्राज्ञी, पद्म विभूषण सम्मानित आशा भोसले जी का रविवार को निधन हो गया। 92 वर्षीय आशा ताई मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस लीं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें 11 अप्रैल की शाम अत्यधिक थकान और छाती में संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था। बाद में मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने इसकी पुष्टि की है। आशा जी का पार्थिव शरीर अस्पताल से उनके लोअर परेल स्थित आवास कासा ग्रैंड पहुंचा दिया गया है। अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आशा भोसले जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उन्हें “भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने वाली सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाज” बताया संगीत की दुनिया का अपूरणीय नुकसान आशा भोसले ने सात दशकों से अधिक समय तक हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती समेत दर्जनों भाषाओं में हजारों गीत गाए। ‘दम मारो दम’, ‘ये मेरा दिल’, ‘रजनीगंधा फूल तुम्हारे’, ‘ओ साजन’ जैसे अमर गीतों से उन्होंने न सिर्फ फिल्मी संगीत बल्कि पूरे देश के दिलों को छुआ। लता मangeshkar की छोटी बहन आशा ताई को ‘प्लेबैक क्वीन’ कहा जाता था। उनकी आवाज़ में जादू था – कभी मधुर, कभी उर्जावान, कभी दर्द भरा। उन्होंने आर.डी. बर्मन, ओ.पी. नयyar, सचिन देव बर्मन जैसे महान संगीतकारों के साथ काम किया और पीढ़ी-दर-पीढ़ी श्रोताओं को अपना दीवाना बनाया। Post navigation वृंदावन के केशी घाट पर बड़ा हादसा: यमुना में श्रद्धालुओं से भरा स्टीमर पलटा, 6 की मौत, कई लापता 🔴 BREAKING: देवभूमि को PM मोदी की सौगात: डाट काली मंदिर में टेका मत्था, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का किया उद्घाटन!