काठमांडू: पड़ोसी देश नेपाल में इन दिनों कुदरत का ऐसा भयंकर रूप देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। तिब्बत-चीन सीमा पर ग्लेशियर झील फटने और अचानक आए बाढ़ के सैलाब ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। खासकर रसुवा जिले और भोटेकोशी नदी के आसपास का इलाका पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है। दर्दनाक मंजर और रेस्क्यू ऑपरेशनसामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पानी का तेज बहाव अपने साथ मकान, दुकानें और गाड़ियों को कागज की तरह बहा ले गया। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान खतरे में है, और प्रशासनिक टीमें तथा स्थानीय लोग लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। घायलों और पीड़ितों को अस्पतालों तक पहुँचाने के लिए रेस्क्यू टीमों को बेहद चुनौतीपूर्ण हालातों का सामना करना पड़ रहा है। नदियों का बढ़ा जलस्तरनेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के कारण भारत से सटी सीमाओं की तरफ बहने वाली गंडक और कोशी नदियों का जलस्तर भी खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कुदरत के इस कहर ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है और हर तरफ केवल बर्बादी के निशान बचे हैं। Post navigation दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत: तालकटोरा स्टेडियम में ‘लक्ष्मी योजना’ का विशेष कार्यक्रम, सीएम रेखा गुप्ता आज सौंपेंगी आधिकारिक पत्र Next Post