मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में इजराइल ने सीरिया के एक सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एयरबेस को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है। इजराइल का दावा है कि यह कार्रवाई तुर्की को इलाके में आगे बढ़ने से रोकने के लिए की गई थी, वहीं दूसरी ओर अंकारा ने इसे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक चाल करार दिया है। घटना के मुख्य बिंदु:एयरबेस पर हमला: सीरिया के अबू अल-धुहूर एयरबेस के रनवे और हैंगर को निशाना बनाते हुए कुल आठ बम गिराए गए। यह एयरबेस तुर्की की सीमा से महज 45 मील की दूरी पर स्थित है।सैन्य प्रतिबंध (गैग ऑर्डर): हमले के बाद इजरायली खेमे में करीब 20 घंटे तक पूरी तरह से चुप्पी छाई रही और सैन्य सेंसरशिप के तहत इस खबर को दबाए रखा गया।इजराइल का पक्ष: लंबी खामोशी के बाद इजराइल ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि यह कदम अलेप्पो के पास तुर्की की संभावित सैन्य तैनाती को रोकने के लिए उठाया गया था।तुर्की का पलटवार: तुर्की ने इजराइल के इन दावों को सीरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वहां उनकी कोई भी सैन्य मौजूदगी नहीं थी।राजनीतिक गलियारों में हलचल:अंकारा के संचार निदेशालय ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह के हवाई हमले पूरी तरह से निराधार हैं और यह आगामी इजरायली चुनावों से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक और विस्तारवादी उद्देश्यों को साधने का एक जरिया मात्र हैं। इस घटना के बाद क्षेत्रीय कूटनीति में सरगर्मी काफी तेज हो गई है। Post navigation डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा खुलासा: ‘हां, मेरी जान को खतरा था, इसी वजह से तुर्की में मेरा विमान बदला गया डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा कूटनीतिक दांव; क्या इस साल के अंत तक होगी किम जोंग उन से आमने-सामने की मुलाकात?