ऋषिकेश/देहरादून: कानून की पेचीदगी भरी दुनिया में न्याय की तलाश करना अक्सर एक आम इंसान के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है। ऐसे में एक ऐसा वकील जो न सिर्फ अदालती दस्तावेजों की गहराई को समझता है, बल्कि मुवक्किल के हक की लड़ाई को पूरी निष्ठा के साथ अंजाम तक पहुंचाता है, वह उम्मीद की एक बड़ी किरण बन जाता है। ऋषिकेश न्यायालय के प्रतिष्ठित अधिवक्ता हरीश कुमार आजाद कुछ ऐसी ही मिसाल पेश कर रहे हैं। अपनी विधिक सूझबूझ और मजबूत तर्कों के दम पर उन्होंने न्याय जगत में एक अलग पहचान बनाई है। बारीकियों के पक्के और बेबाक पैरोकारकचहरी परिसर में अपनी शालीन कार्यशैली और मामलों के गहन अध्ययन के लिए पहचाने जाने वाले अधिवक्ता हरीश कुमार आजाद की ख्याति किसी परिचय की मोहताज नहीं है। चाहे सिविल विवाद हो या कोई पेचीदा आपराधिक मुकदमा, हर मामले की तह तक जाकर साक्ष्यों का विश्लेषण करना और अदालत के सामने कानून की सटीक व्याख्या रखना उनकी विशेषता रही है। विरोधी पक्षों के मजबूत तर्कों को अपनी अकाट्य दलीलों से काटना उन्हें अदालत कक्ष में एक अलग स्तर का मुकाम देता है। हाल ही में मिली बड़ी अदालती सफलताउनकी पेशेवर दक्षता और कानूनी कौशल का एक ताज़ा उदाहरण हाल ही में देखने को मिला। आपराधिक मामला संख्या 646/2019 (राज्य बनाम गजेंद्र सागर) में उन्होंने अपने मुवक्किल की पैरवी बेहद आक्रामकता और कानूनी बारीकियों के साथ की। न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष चली लंबी और चुनौतीपूर्ण कानूनी सुनवाई के दौरान, उन्होंने अभियोजन पक्ष के दावों की कमियों को उजागर किया। आखिरकार 24 जुलाई 2026 को आए इस अहम फैसले में माननीय न्यायालय ने उनकी प्रभावी दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर उनके मुवक्किल को संदेह का लाभ देते हुए पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया। आमजन की उम्मीद और भरोसाअधिवक्ता हरीश कुमार आजाद का दायरा सिर्फ कोर्टरूम की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। समाज के पीड़ित और कानूनी सलाह से वंचित तबके के लिए वे अक्सर एक संबल बनकर खड़े होते हैं। मुकदमों के जाल में फंसे आम आदमी को सही कानूनी रास्ता दिखाना और न्याय व्यवस्था में उसका विश्वास मजबूत करना उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य रहा है। ‘M24 न्यूज़‘ परिवार ऐसे कर्मठ, समर्पित और ऊर्जावान अधिवक्ता के यशस्वी कानूनी सफर और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है। ऐसे ही अधिवक्ताओं की निष्ठा से लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की नींव मजबूत होती है! अधिवक्ता हरीश आजाद! Post navigation बद्रीनाथ मंदिर में चंदा चोरी मामला: BKTC अध्यक्ष का निजी सचिव प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार, CCTV में नोटों की गड्डियां चुराते आया था नजर विश्वास की आड़ “इंसानियत” का सौदा: दून में आर्थिक तंगी का हवाला देकर मां ने बेटी को 1.5 लाख में बेचा, फिर रची अपहरण की झूठी कहानी