वाशिंगटन/सियोल:अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन के साथ इसी शरद ऋतु (इस साल के अंत तक) एक व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाए। सुर्खियों में क्यों है यह मुलाकात?नवंबर के एशिया दौरे की चर्चा: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने निजी तौर पर यह विचार रखा है कि नवंबर में उनके संभावित एशिया दौरे और शेन्ज़ेन (चीन) में होने वाले एपेक (APEC) शिखर सम्मेलन के आसपास किम जोंग उन से मुलाकात की जा सकती है।सैन्य अभ्यास में कटौती: हाल ही में दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को सीमित करने के आदेश दिए गए थे, जिसका आधार किम के साथ ट्रंप के संबंधों को बताया गया था।ट्रंप का दावा: अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि किम जोंग उन की तरफ से उनके प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। कूटनीतिक गलियारों में चर्चा और चुनौतियाँ:राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया के मोर्चे पर उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने के कारण वाशिंगटन अब कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ी सफलता की तलाश में है। जानकारों का यह भी कहना है कि प्योंगयांग (उत्तर कोरिया) अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और अन्य देशों के समझौतों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। ऐसे में किम जोंग उन के पास मजबूत कूटनीतिक बढ़त और अन्य देशों के साथ रणनीतिक सहयोग के विकल्प मौजूद हैं, जिससे यह मुलाकात बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।स्रोत: द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) Post navigation सीरिया के एयरबेस पर इजराइल का अचानक एयरस्ट्राइक; तुर्की ने लगाया चुनावों से पहले ‘विस्तारवाद’ का गंभीर आरोप बड़ी खबर: हत्या के मामलों में एलेक्स मर्डोला को फिर मिलेगा सामना करना होगा ट्रायल, लोकेशन को लेकर वकीलों ने बढ़ाई चिंता!