उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की अभी से सुगबुगाहट तेज हो गई है और राजनीतिक गलियारों से एक से बढ़कर एक दिलचस्प कयास सामने आने लगे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद चर्चा है कि देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल ‘गामा’ आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में मसूरी विधानसभा सीट से अपनी ताल ठोकने की तैयारी कर रहे हैं! लेकिन सबसे बड़ा और दिलचस्प सवाल यह है कि पार्टी तो दोनों की एक ही है—यानी दोनों ही बीजेपी के दिग्गज नेता हैं! ऐसे में यदि एक ही पार्टी के भीतर से ऐसा दांव चला जाता है, तो सियासी समीकरण बेहद पेचीदा और रोमांचक हो जाते हैं। क्या बन रहा है सियासी समीकरण? एक ही पार्टी, आमने-सामने की चर्चा: मसूरी सीट पर वर्तमान में बीजेपी के कद्दावर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का मजबूत दबदबा है। ऐसे में पार्टी के भीतर से ही पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा की दावेदारी की चर्चाओं ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। टिकट और वर्चस्व की लड़ाई: हालांकि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन अंदरखाने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और टिकट की रेस को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुकाबला हुआ तो क्या होगा?: यदि पार्टी के अंदर ही इस तरह की दावेदारी जमीन पर उतरती है, तो चुनाव से पहले ही सियासी पारा काफी हाई होने वाला है और पार्टी हाईकमान के सामने भी संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती होगी। क्या गामा जी का यह कदम सिर्फ सियासी चर्चा है या 2027 में मसूरी के रण में कुछ बड़ा देखने को मिलेगा? उत्तराखंड की राजनीति का यह ड्रामा अभी और रंग दिखाएगा! Post navigation अरुणाचल प्रदेश के ताई तुगुंग को मिला प्रतिष्ठित ‘नरेन्द्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान’, सीएम धामी ने किया सम्मानित ज़मीन के नाम पर 16 लाख की महा-ठगी: कुंती देवी की बेटी तनु रावत के खाते में ट्रांसफर हुए थे 5 लाख, सबूतों के बावजूद रायपुर-नेहरू कॉलोनी पुलिस नहीं दर्ज कर रही FIR”